Monday, April 30, 2018

Heart-Touching One sided love poem hindi-"मेरे मौत पर तू ज़रूर आना....."

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Heart-Touching One Sided Love Poem in hindi

One sided love poem hindi

मेरे मौत पर तू ज़रूर आना


"और कोई आयें न आयें मेरे मौत पर, तू ज़रूर आना

बहोत सारे लोग होंगे शायद मेरी लाश पर

पर तू चुपके से मुझे सीने से लगाना

मैंने तुझे ज़िन्दगी भर चाहा था

ये सोच के मुझें एक दिन के लिए चाहना

जो भी हो तेरे दिल में छुपा वो सब कुछ बताना

उस दिन तू अपना दिमाग न चलाना, सिर्फ दिल से प्यार जताना।"

"चाहे झूठी हो पर एक दिन के लिए सच बताना

मेरे लिए थोड़ा सा रो के भी दिखाना

आशु आये तो बेहने देना

आँखो में एक बुन्द भी नहीं रहने देना"

और जब सारे चले जायें तो अकेले में मुस्कुरा लेना

अच्छी एक्टिंग थी तूने एही सोच लेनाा

मेरा तो आज भी एही हे कहना

"मेरे मौत के बाद भी तू खुश रहना

मेरे मौत के बाद भी तू खुश रहना।"




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One Sided love poems in hindi

One sided love poem hindi

जब तू मुझें ignore करती थी



जब तू मुझें ignore करती थी,

तभी समझ जाना चाहिए था

-की वो प्यार मेरा नहीं है,

जब तू किसी और को देखकर मुस्कुराती थी,

तभी समझ जाना चाहिए था

-की ये मुस्कान मेरी नहीं है,

जब तू किसी और नाम

-कि मेहन्दी अपने हाथो में लगाती थी,

तभी समझ जाना चाहिए था -की वो नाम मेरी नहीं है,

सच कहुँ तो में खुद भी मेरा नहीं हूँ,

जब तक तू मेरी नहीं है,

पर शायद एक दिन तू मुझें

-ये सोचकर याद करेगी,

की में हमेशा तेरे आगे झुकता था

-जब्कि 'तू मेरी नहीं है'

मैंने कही ये सुना था की

-"सच्ची मोहब्बत हमेशा लौटकर आती है"

-पर मैंने तेरे न आने के बाद भी इंतज़ार किया था -'जब्कि तू मेरी नहीं है'

ये मेरे एक तरफ़ा प्यार सुन

ये जो कविता सुनके तू अपने आप रोने लगती है,

-जिसमे तू खुद को ढूंढ पाती है

"वो कबिता मेरी है, है सच में मेरी है।"


One sided love poem hindi
जब तुझे पहली बार देखा था


जब तुझे पहली बार देखा था

तुझमे बड़ी मासुमियत थी

में पास जाके सुनने की कोशिश कर रहा था

तु जो गुनगुना रही थी

मैंने तेरे पास जाने को सोचा ही था

फिर देखा की तु तो मेरे पास ही आ रही थी

में सिर्फ तुझे देखने में व्यस्त था

और तेरी जादू हर तरफ छा रही थी

मैंने कहा अपने दिल से संभल जा

पर तेरी खुशबु मेरे दिल को भी मेहका रही थी, सुखी सुखी दिन थी वो

पर तेरी तरफ से हलकी सी बारिश भी आ रही थी

मुझे ये तो नहीं पता तु अपनी सहेलिओ को

क्या सुना रही थी

पर मुझे लग रहा था की

तु मेरा ही नाम गुनगुना रही थी

देख पगली

न तु समझेगी

न में समझा पाउँगा

इस एक तरफ़ा प्यार में

शायद में मर ही जाऊंगा

तु याद तो कभी नहीं करती मुझे

और ना ही में कभी याद आऊंगा

ना तुझे कभी सताऊंगा और ना कभी बताऊँगा

न ही कभी हक़ जटाऊंगा

में तो एक तरफ़ा आशिक़ हूँ मैडम

मरते दम तक ऐसे ही चाहूंगा

तु बिलकुल सही थी मेरे लिए, और आज भी हैं

पर में ना हो सका

आँसू तो बहत आते हैं, पुरे बदन भीग जाते हैं

पर कभी तेरे सामने ना रो सका

जब तु हॅसे तो और हॅसाना चाहता हूँ

जब तु रोए तो सीने से लगाना चाहता हूँ

तुझे अपना बनाना चाहता हूँ

एक बार तो में अपनी किस्मत को भी हराना चाहता हूँ

में तो एक तरफ़ा आशिक़ हूँ तेरे ना कहने के के बाद भी

फिर एक बार ना सुनने की कशिश करता हूँ"



याद करती होगी ना



क्या वो आज भी मेरी, याद करती होगी ना

भूल गयी होगी मुझे, पर मेहसूस तो करती होगी ना

किसी और को देखकर मुस्कुराती थी वो

पर वो मुस्कराहट आज भी बरकरार होगी ना



वो ना समझ पायी हमे, वरना हम तो उसी के थे

अगर वो एक बार समझने की कोशिश करती,

तो शायद हम खुदा को भी धोका दे देते ।



चाहत तो आज भी वही है, पर मंजिल नहीं

याद तो आज भी ऐसे आती है, जैसे कोई मुश्किल नहीं



प्यार तो हमने भी किया था एक तरफ़ा ही सही -

आज भी गर्व से कहता हूँ "तुम्हे कभी भुला ही नहीं"
*मैं आशा करता हूँ की आपको हमारी Poem अच्छी लगी । अगर थोड़ी सी भी अच्छी लगी तो Please इस Poem को अपने Facebook या Whatsapp पे Share करे । ताकि हम और भी बहत सारा Poem लिख सके । और हां आपको कैसा लगा निचे Comment करना ना भूले । धन्यबाद ...............



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